Saturday, December 31, 2016

अवंत शैशव !

यकायक ख़याल आते हैं मन में अनेक,  मोबाईल फोन से चिपका आज का तारुण्य देख,  बस,सोशल मीडिया पे बेसुद, बेखबर,  आगे, पीछे कुछ आत...